10 वीं और 12 वीं के लिए आईएएस प्रतिशत?AIS percentage for 10th and 12th?

 भारतीये प्रसासनिक सेवा। भारत सरकार की इस सबसे प्रतिष्ठित सेवा को कैसे ज्वाइन कर सकते है। इसे ज्वाइन करने के लिए क्या क्या योग्तए होनी चाहिए 


जैसा की हम जानते है AIS या IPS का पेपर UPSC व्‍यवस्थित करती है यह संस्था एक साथ 24 पोस्ट के लिए रिक्ति निकलता है जिसमे दो प्रमुख रिक्ति IPS और IAS होती है। UPSC द्वारा निकली गई इन रिक्तियों में हर वर्ष 10 लाख छात्र फॉर्म भरते है जिसमे 1 हजार छात्रों का चयन होता है यानि UPSC द्वारा लिगई परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों का रेशियो 1 % से भी कम है यानि UPSC द्वारा संचालित यह एग्जाम बहुत कठिन है। इन्ही वजहों से UPSC को लेकर अधिकांश छात्रों के मन तरह तरह के प्रश्न उठते रहते है की 10वी और 12वी में आईएएस बनने के लिए कितने प्रतिशत अंक चहिये। 



यदि आप भी 10वी और 12वी कक्षा में है और आप एक IAS या IPS बनना चाहते है तो आपके मन में एक प्रश्न जरूर होगा की आईएएस या आईपीएस बनने के लिए कितने प्रतिशत अंक चाहिये जिसे की IAS या IPS के एग्जाम में प्रतिशत को लेकर कोई प्रॉब्लम न हो तो चले इसे विस्तार से समझते है। 

10th के बाद से ही AIS या IPS की तैयारी कैसे करें?

वैसे तो UPSC के एग्जाम में क्लास 10वी के प्रतिशत का कोई रूल नहीं होता है। हा बहुत हद तक यह संभवना हो सकती है की इंटरव्यू में आप से 10वी में प्राप्त अंक के बारे में कुछ प्रश्न पूछे जा सकते है जैसे यदि आपके अंक कम है तो इसे लेकर यह तो पूछ ही सकते है की क्लास 10th में अपने बहुत कम अंक प्राप्त किया है क्या आप पढ़ाई में सुरू से  कमजोर रहे है इसी तरह के कुछ सबल हो सकते है वर्ना 10वी का अंक या प्रतिशत UPSC में कोई मतलब नहीं रखता है। 

जहा तक बात रही 10th क्लास के छात्र आईएएस की तैयारी कैसे करे तो मेरा मानना है की अभी आप केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करे क्यो की यही वह समय होता है जब आप अपना सभी विषय में पकड़ बना सकते है यानि आप अपना बेस मजबूत कर फ्यूचर में किसी भी कॉम्पिटिटिव एग्जाम के लिए खुद को तैयार कर सकते है। 

यदि आप अभी से UPSC की तैयारी करने की तो आप कुछ अच्छे आईएएस ऑफिसर के बारे में पढ़िए ताकि मोटिवेशन मिले आपको कुछ ऐसी फिल्म या उपन्यास हो सकती है इन सभी के साथ आप करेंट अफेयर के साथ छोटी मोटी रिसर्च करये जैसे अभी मान लीजिये अभी इजराइल का मुद्दा चला आप इसके बारे में विस्तार से जानकारी जुटा सकते है की इजराइल का स्टैंड क्या है फ़िलिस्तीन का स्टैंड  क्या है अमीरिका का स्टैंड क्या है भारत का स्टैंड क्या है भारत खुल कर इजराइल का समर्थन क्यो करता है। या भारत कभी फ़िलिस्तीन के समर्थन हुआ करता है। 


किसी भी एक मुद्दे को लेकर उसपर कुछ आर्टिकल पढ़िए वेबसाइट या अख़बार में आपको हर आर्टिकल पर बहतर से बहतर लेक्चर आर्टिकल पढ़ने को मिल जाते है। इन 3 या 4  लेक्चर आर्टिकल को पढ़ कर आप अपना के पर्सपेक्टिव बनाये अपना के दृश्टिकोण बनाये और यदि हो सके तो इस दृश्टिकोण के साथ अपने दोस्तों के साथ बहस कीजिए। याद रहे डिवीटस जितने के भाव से न करे ब्लकि डिवीटस इस भाव से करे की किसी विषय के सही निस्कर्स पर पहंचा जा सके ऐसा कई बार देखा गया है की जब बच्चे किसी विषय पर डिस्कस करते है तो वह यूद्ध करने लग जाते है। आपको यूद्ध नहीं करना है क्यो की कई बार हम डिवीटस कर के चिंतन में हार जाते है इस लिए डिवीटस में स्वयं का जितना महत्पूर्ण नहीं है बल्कि डिवीटस में सभी का मिलकर जितना महत्पूर्ण है ताकि सभी लोग मिल कर सही बिंदु तक पहुँच जाय डिवीटस का यही सबसे बड़ा महत्पूर्ण बिंदु होना चहिये। 


उपर्युक्त सभी कार्य के साथ आप थोड़ा बहुत लिखने का अभ्यास करे मतलब यदि हजार सब्दो का आर्टिकल है तो उसे ध्यान से पढ़ कर उसे दो सौ सब्दो में अस्पष्ट लिखने का अभ्यास करे और यदि आप इतना कर पा रहे है तो इसका मतलब आप ठीक ठाक प्रैक्टिस कर रहा है जो आपको आघे चलकर आईएएस की परीक्षा में आपकी बहुत मदद करेगा। इन सभी के साथ आप अपने दोस्तों के साथ भी ठीक ठाक समय गुजारिये हसि मजाक भी कीजिए जो आपके उम्र का है उनके साथ आप खेल कूद भी करते रहे क्यों की खेल कूद करने से आप स्वस्थ रहेगे खेल कूद दिमागी विकाश के लिए बहुत जरूरी है और खेल कूद से टीम मैनेजमेंट का जितना विकाश होता है उतना दूसरी चींजो से नहीं होता है। 


जब भी आप खलने के लिए जाये तो आप कोसिस करे के खेल कूद हमेसा ग्रुप स्पोर्ट में ही हो। ग्रुप स्पोर्ट में रहने पर आप कभी कैप्टन बनेगे या कभी वौइस् कैप्टन बनेगे  कभी कभी आप केवल एक खेलारी भी बन सकते है और अपने कैप्टन की बातो को फॉलो करते है। इस तहर से खलने पर जब आप कैप्टन बनते है तो यह वह  समय होता है जब आप अपने टीम को लीड कर रहे होते है जिससे की आपके अंदर लीडरशिप डवलप होती है और यदि आप वौइस् कैप्टन बनते है तो आप अपने से सीनयर कैप्टन  से किसी मुद्द पर डिस्कस कर के अपने टीम के प्रति सही निति और निर्देश तय करते है जिससे आपके अंदर टीम मैनेजमेंट स्किल डेवेलप होती है। और यदि आप केवल एक खलारी बनते है सभी सदस्यों की तरह तो उस समय यदि आपका कैप्टन  खेल के प्रति कोई गलत निति या निर्देश लेता है उस समय आप उसे बहुत प्यार से सुझाव दे कर समझने का प्रयास किये जिससे की चींजो के प्रति आपकी गहरी समझ विकसित होगी। 

उपयुक्त सभी चींजे ब्यूरोक्रेसी के सर्विस में आप की मदद करेगी यानि जब आप का सेलेक्ट ब्यूरोक्रेसी के किसी विभाग में होंगा या जब आप कलेक्टर बनेगे तो आप वहा पर एक टीम को हेंडल करेंगे मंत्री आपके ऊपर होंगे मंत्री को कभी कभी सुझाव भी आपको देनी पड़ेगी जिसके लिए आपके अंदर एक अच्छे लीडरशिप क्वालिटी का डोवलोप होना बहुत जरूरी है जो की जितना अच्छा लीडरशिप खेल कूद से होगा उतना अच्छा किताब से ही हो सकता है इस लिए खेल कूद बहतर जीवन के लिए बहुत लाभ दायक होता है। 


10वी के बच्चो से मेरी विशेष आग्रह है की आप अपने जीवन में केवल किताबी किरा मत बनियेगा यानि की इतनी भी किताब के प्रति झुकाव मत बनालियेगा की पर्सनालिटी डेवलपमेंट खतरे में आजाये टोटल पर्सनालिटी डेवलपमेंट डोवेलोमेंट करते हुए अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करे जिससे की आपका जीवन सफल हो सके और आप अपने जीवन के लक्ष प्राप्त कर सकते है। 


10वी के बाद आईएएस बनने के लिए कौन विषय रखे ?

10वी के बाद यदि आप ने आर्ट्स ,कॉमर्स , या साइंस विषय रखा है तो यह आपके आईएएस बनने में जरा सा भी मेटर नहीं करता इसका कोई महत्व नहीं है की अपने मेट्रिक या इंटर में कौन सा विषय रखा था क्यो की UPSC भारत की एकमात्र ऐसी सेवा है जिसमे सभी को मौका मिलता है। UPSC कभी यह नहीं देखती है की आप ने कोण से क्षत्रे से पढ़ाई की है जैसे यदि आप ने आर्ट्स जैसे विषय से पढ़ाई की है तो आप इन्फीरियर हो और यदि आप साइंस से पढ़ाई की है तो आप सुपीरियर हो ऐसा बिलकुल नहीं है इस सेवा के लिए आपको केवल ग्रेजुएशन पास करना है। और यदि अपने ग्रेजुएशन 50% अंक के साथ पास किया है तो इसका बनेफिट आपको केवल आईपीएस की इंटरव्यू में मदद कर सकता है। 


 ग्रेजुएशन में करे यूपीएससी  वैकल्पिक विषय का चयन। 

यदि आप अभी स्नातक में है और आघे चलकर सिविल सर्विस में करियर बनाना चाहते है तो यह आपके लिए बहुत बढ़या समय है। जैसा की हम सब जानते है की UPSC के एग्जाम 3 चरणों में होती है।

(1) प्रीलिम्स एग्जाम (PRELIMS EXAM)


(2) मैन्स (MAINS EXAM)


(3) इंटरव्यू (INTERVIEW)


PRELIMS:-

UPSC के एग्जाम में  पहला चरण प्रिलिम्स का होता है जिसे प्रारंभिक परीक्षा भी कहते है इनमे कुल 2 पेपर होते हैं जिसमे एक को GS पेपर कहते है और दूसरे को CSAT (Civil Services Aptitude Test) यह दो एग्जाम एक ही दिन में दो शिप्ट में कराये जाते है फस्ट शिप्ट में आपका GS का पेपर होता है और सेकेंड शिप्ट  CSAT का पेपर होता है इस परीक्षा का आयोजन इसलिए किया जाता है ताकि जो मुख्य परीक्षा है उस उसमें केवल योग्य विद्यार्थियों को चुना जा सके। ताकि उस मुख्य परीक्षा में के आयोजन में सुरक्षा, पारदर्शिता व अन्य बातों का ध्यान रखा जा सके।

MAINS;-

इस परीक्षा में कुल नौ पेपर्स हुआ करते हैं और तकरीबन 180 से 200 प्रश्न होते हैं जिनका कुल योग 1750 अंकों का होता है। प्रत्येक पेपर के लिये तीन घंटों का समय निर्धारित होता है।

पहला प्रश्न पत्र : इसमें आपको अठारह भारतीय भषाओं (Indian Languages) में से किसी एक भाषा का चयन करना होता है जिसके आधार पर यह पेपर होता है, और यह 300 अंको का होता है जिसमें 20 से 25 प्रश्न होते हैं। और ध्यान रहे कि इस पेप्र के अंक भी फाईनल रिजल्ट में नही जोड़े जाते हैं।


दूसरा प्रश्न पत्र : यह प्रश्न पत्र अंग्रेजी भाषा (English Language) का होता है और यह भी 300  अंकों का होता है तथा इस पेपर के अंक भी फाईनल रिजल्ट में सम्मिलित नही किये जाते हैं।


तीसरा प्रश्न पत्र : यह निबंध (Essay Writing) का पेपर है जो कि दो खण्डों में होता है जिसमे प्रत्येक खण्ड से एक - एक विषय पर निबंध लिखना होता है और यह पेपर 250 अंकों का होता है। इस पेपर के अंक अंतिम परिणाम में जोड़े जाते हैं।

चौथा, पांचवां: छठवां तथा सातवां प्रश्न पत्र: ये सभी पेपर सामान्य अध्ययन के होते हैं और प्रत्येक प्रश पत्र 250 अंकों का होता है। ये सभी पेपर्स आपके सामाजिक, आर्थिक इत्यादि मुद्दों की समझ की परीक्षा के मकसद से लिये जाते हैं। जिसमें विभिन्न मुद्दों व परिस्थितियों में आपकी सूझबूझ व जानकारी की परख की जाती है।

आठवां व नौवां प्रश्न पत्र: ये दोनों पेपर्स वैकल्पिक विषय (Optional Papers) के होते हैं जिन्हें आप अपनी रुचि के अनुरूप चुन सकते हैं। हर एक प्रश्न पत्र 250 अंकों का होता है तथा इन  दोनों पेपर्स के अंक फाईनल रिजल्ट में जोड़े जाते हैं।

मैन्स में जो आठवां व नौवा पेपर वैकल्पिक है इस पेपर की तैयारी आप स्नातक करते समय कर सकते है। चूकी ग्रेजुएशन के अंतर्गत विभिन्न विषयों को रखा जाता है। 

(a) हिंदी (Hindi)

(b) अंग्रेजी (English)

(c) इतिहास(History)

(d) भूगोल (Geography)

(e) राजनीती-शास्त्र (Political Science)

(f) समाज-शास्त्र (Sociology)

(g) गृह विज्ञान (Home Science)

(h) मनोविज्ञान (Psychology)

यदि आप उपर्युक्त दी गई किसी भी विषय से ग्रेजुएसन करते है तो आप को इसके दो फायदे होंगे पहले यह की आप का ग्रेजुएसन कम्प्लीट हो जायेगा और दूसरा यह है की आप UPSC के मैन्स में वैकल्पिक विषय के रूप में इस विषय  रख सकते है। 

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