सिविल सेवा परीक्षाओ में सफलता के लिए राइटिंग कैसे बढ़ाए ?
जैसे की हमे पता है UPSC की परीक्षा पैटर्न पैन और पेपर पर ही होती है इसका मतलब यह है की
UPSC की में सफलता प्राप्त करने के लिए आपको लिखने की प्रेक्टिश भरपूर करनी पड़ेगी। जो
लोग अभी इस्कूल या कॉलेज में पढ़ाई कर रहे है उनके लिए अपनी राइटिंग स्पीड को बढ़ाना और
राइडिंग में सुंदरता लाना सायद मुश्किल नहीं हो मगर जो अभयर्थी सक्रिये छात्र नहीं है उनके लिए
लिखना मुश्किल काम हो सकता है।
इसके अलावा UPSC के मैन्स परीक्षा के सवाल समय से हल करने के लिए यह बेहद जरूरी है की आप
तेजी से लिखने में सक्षम हो।
गुड हैंडराइटिंग इन हिंदी माध्यम
अपने किसी न किसी से यह जरूर सुना होगा की एक अच्छा लिखना वह भी तेज गति के साथ यह
एक कला है। और यदि आप UPSC जैसी परीक्षा में हिन्दी माध्यम से सफल होना चाहते है तो फिर
इस कला में आपको महार्त तो हासिल करनी ही पड़ेगी।
क्यो की UPSC की परीक्षा में हिन्दी माध्यम के छात्रों सबसे आधी दिक्क्त आती है इसकी वजह यह है
की हिन्दी माध्यम वाले छात्र इंग्लिश माध्यम वाले छात्र की तरह कर्सिव तो लिख नहीं सकते और
अबसे अधिक दिक्क्त तो शिरोरेखा लगाने में होती है जो आपके स्पीड को काफी हदतक कम कर देती
है। एक और खस बात UPSC में हिन्दी माध्यम वाले छात्र को हर वाक्ये में शिरोरेखा लगाना
अनिवर्य है इसके बिना वाक्य को गलत समझा जाता है।
UPSC मैन्स में स्पीड राइटिंग का महत्व क्या है ?
UPSC एग्जाम में अंतह आपको जो सफलता मिलती है वह आपके अंसार राइटिंग के बेस पर ही
मिलती है आप यह मान कर चलए की आप बहुत ज्ञानी है अपने सुब कुछ पढ़ रखा है आप खूब
जानते है लेकिन आप एक मिनट के लिए यह सोच कर देखे की परीक्ष आपका मूल्यांकन किसके
आधार पर करेगा क्यो की परीक्षक आपको नहीं जनता और उसकी आपको जानने में रुचि भी नहीं है
उसके पास जो आपकी उत्तर पुस्तिका है उसी के आधार पर वह आपके पुरे वेक्तित्व को वह समझगा
उस उत्तर पुस्तिका के माध्यम से आप जितना ज्ञान उनके पास पहोचाते है उसमे से कितनी जरूरी
चींजे आप उसको दे पाते है उसी के आधार पर आपको मार्क्स मिलता है तो सीधी सी बात है अगर
आपको अंसार के आधार पर ही आपको अंक मिलते है तो आपको इसपर ध्यान देना चाहिए और
अपनी अंसार राइटिंग स्किल को डेवलप करनी चाहिए ताकि आप इस स्किल की मदद से अधिक से
अधिक अंक प्राप्त कर सके।
उत्तर लिखने का अभ्यास क्यों किया जाना चाहिए?
जैसा की हमे पता है मैन्स में GS के 4 पेपर होते है। एक ऑप्शनल पेपर होता है जिसे आप खुद चुनते
है और एक निबंध के पेपर होते है । इन सभी पेपर में अच्छे अंक से सफल होने सबसे महत्पूर्ण स्किल
अगर कोई है तो वह है अंसार राइटिंग स्किल और अंसार राइटिंग स्किल की जो सबसे बड़ी समस्या
है वह है स्पीड की समस्या यानि आपके लिखने की गति जितनी अधिक होगी आपके सफल होने के
चान्स उतनी अधिक होगी।
इस तेजी गति के साथ लिखने की प्रकिर्या में सिम्पल सा गणित काम करता है। UPSC एग्जाम में
GS के पहले 3 पेपर में समानता 20 प्रश्न वह आपको देते है और आपको इन प्रश्नो के लिए कुल 3
घंटे का समय दिया जाता है यानि आपको 180 मिनट में सभी 20 प्रश्नो को हल करना होता है
जिसका मतलब यह है की आपको 9 मिनट में एक प्रश्न को हल करना है चुकी एक प्रश्न का उत्तर
आपको 200 शब्द में लिखना होता है तो इस कर्म में आप तो केवल लिखने का काम तो करेंगे नहीं
इन्ही 9 मिनट में आपको प्रश्न पढ़ने भी तो होते है और पॉइंट भी सोचना होता है तो हम यह मान के
चलते है की इस 9 मिनट में आपको 1 मिनट यह सब करने में ख़र्च होजाता है। जिसका सीधा सा
मतलब यह है की यदि आपने 8 मिनट में 200 शब्द लिख लेते है तो आप सभी प्रश्नो का उत्तर लिख
पाएंगे। चुकी UPSC एग्जाम में आपको 8 मिनट में 200 शब्द लिखने होते है इस लिए राइटिंग
स्पीड का महत्व बढ़ जाती है।
उत्तर-लेखन का अभ्यास करने के लाभ?
यदि UPSC टोपर की माने तो उत्तर
लेखन एक कला है और इस कला में आपको दक्षता
हासिल करनी चहिये वह कहते है की यदि आप बहुत अधिक ज्ञानी है आपको सभी चींजो
के बारे में अच्छी खासी जानकारी है लेकिन अंक आप अधिक प्राप्त नहीं कर सकते क्यो
की UPSC एग्जाम में अच्छा अंक प्राप्त करना वह भी सभी प्रश्नो को हल करते हुए
बहुत मुश्किल होता है और यदि आपकी उत्तर लेखन कला डेवलप नहीं है तो यह
नामुमकिन है।
उत्तर लेखन के अभ्यास करने से निम्न लाभ होते है।
(1) विचारों और लेखन का समन्वय
उत्तर लेखन का अभ्यास करने से आपके दिमाग में जो विचारो की उथल पुथल रहती है
वह धीरे धीरे शांत हो जाती है। उत्तर लेखन अभ्यास में होता यह है की आपके आपके
दिमाग में जो थॉट होती है वह आपके उंगली में फसे पेन के सहारे वह कागज पर उतरते
है अब होता यह है की उत्तर लेखन अभ्यास जो आप सोच रही है और जो आप लिख रहे
है इन दोनों में तालमेल बठता है जैसे अपने बचपन में साईकिल चलाना सीखा था और
अब आपने इतना तो संतुलन बना लिया होगा की आप साईकिल हेंडल छोर कर भी चला
सकते है क्या आप जानते है ऐसा कैसे होता है क्यो की अपने साईकिल के साथ अच्छे
तरीके से ताम मेल बैठा लिया है.
(2) विचारों की गति में सुधार करता है
जब आप आंसर राइटिंग करते है आप सोचते है की क्या क्या मुझे लिखना है आप इस
कर्म में अपने दिमाग में उपोक्त शब्द का चयन भी करते है इन्ही सब वजह से आपके
दिमाज में सोचने की गति पैदा होती है.
(3) लिखने की गति में सुधार करता है
जब आप अंसार राइटिंग करते है तो आपके राइटिंग में स्पीड आती और स्पीड के अनुकूल
आपके थॉट क्रिएट होते है तब आपके थॉट में भी स्पीड आती है. जिस वजह से आप तेज
गति से लिखने में सक्षम होते है।
(4) मूल्यांकन और सुधार करने में सक्षम
अंसार राइटिंग अभयास के कर्म में जब आप अंसार राइटिंग कर लेते है तो फिर आप अंसार
पढ़ते है इस पढ़ने के कर्म में आप देखते है की अपने जो लिखने के लिए सोचा था उनमे
से बहुतों कुछ तो छूट गया है जिसे लिखना महत्पूर्ण समजगते थे और जब आप इस तरह
से जो गलतियों को identify केर लेतो है तो आप उसे कभी नहीं भूलेंगे इस तरह आप
अपना मूल्यांकन करके अपने आप को सुधारते है।
(5)वास्तविक परीक्षा में बेहतर अंक में सक्षम
अंसार राइटिंग अभयसा से जो सबसे अधिक लाभ मिलता है वह आपको वास्तविक परीक्षा
में बेहतर अंक प्राप्त करने में मिलता है जैसे मान ले की मैन्स में जनरल स्टडीज का
फस्ट पेपर जिसमे 3 या 4 सिग्मेंट है अब आप इन सभी सिग्मेंट को मिलायेगे तो आपको
टोटल एक पेपर के लिए 30 से 40 प्रश्न होजाते है अब आप यह कल्पना करके देखिए की
अपने ऐसे 40 प्रश्नो के उत्तर लिखे है और इनमे से 5 या 6 भी प्रश्न आपके मुख्य
परीक्षा के आगये या अपने जिस टॉपिक पर प्रेक्टिस किया है उस टॉपिक से भी आगये
तो यही आपका जो स्कोर है उसको इतना अधिक बढ़ा देगा की आप दुसरो से आगे निकल
जायेगे जिस वजह से आपके टॉप करने की सम्भवना बढ़ जाती है। इस तरह अंसार
राइटिंग प्रेक्टिस आपको वास्तविक परीक्षा में भी मदद करते है।
(6)अंसार राइटिंग अभ्यास करने से मानसिक दबाव और तनाव कम होता है
अंसार राइटिंग अभ्यास करने से जो लाभ मिलने की सम्भवना बढ़ जीटी है वह यह है की
मान के की अपने किसी एक टॉपिक के 20 से 30 प्रश्नो पर अभ्यास किया और इन्ही
टॉपिक से आपके वास्तिवक परीक्षा में 4 से 5 प्रश्न पूछ लिए गए तो इसमें जो आपको
सबसे अधिक लाभ मिलेगा वह यह है की आप मानसिक दबाव और तनाव लेने से बच
जायेगे और बड़े ही आसानी से प्रश्नो को हल कर सकते है।
(7) बेहतर समय प्रबंधन
यदि वास्तविक परीक्षा में उन्ही प्रश्नो को पुछलिया गया जिनका अभ्यास आप ने अंसार राइटिंग के
समय में किया था तो यह आपको बहुत सारा समय बचा सकता है और इन बचे हुए समय का भरपूर
इस्तेमाल दूसरे किसी काम में कर सकते है जैसे लिखे गए उत्तर की सजावट करने में और दूसरे
प्रश्नो को ठीक से पढ़ने ,समझने और उत्तर लिखने में आप इस बचे हुए समय का इस्तेमाल कर
सकते है।
(8) उत्तर लेखन अभयास से भाषा में सुधार होता है
उत्तर लेखन अभ्यास से भासा को सुधारने में काफी मदद मिलती है जैसे मान ले की आप कोई
टॉपिक पर कुछ लिखने का अभ्यास कर रहे है तो आप इस कर्म में उन शब्दो का चयन करेंगे जो शब्द
आपके टॉपिक जुड़े हुए हो और कोण से शब्द किस वाक्य में बहतर प्रदर्श करेंगे और उस वाक्य को
खूबसूरत बनायेगे ऐसे शब्दो का आप चयन करने में सक्षम होंगे। भाषा सुधार को लेकर जो सबसे
महत्पूर्ण बात होती है वह यह है की आपसे कभी भी स्पेलिंग मिस्टेक नहीं करेंगे और शब्दों के
उच्चारण में भी कभी गलतिया नहीं होगी।
उत्तर लिखने का अभ्यास कैसे करें?
उत्तर लेखन का अभ्यास करने से पहले आपको आप एक प्रश्न ले लीजिये और यह ऐसा प्रश्न होना
चिहिए जो आपके सिविल सर्विस एग्जाम से ज़ुरा हुआ हो ऐसे प्रश्न प्राप्त करने के लिए UPSC के
वेबसाइट पर आपको प्रश्नो का सेम्पल आसानी से मिल जाएगा आप उसे प्रिंट करा सकते है अब इन
प्रश्नो में आप सबसे पहले उस प्रश्न का सिलेक्शन कर ले जो प्रश्न आपको आसानी से समझ में
आरहा हो।
पहले तो आप अपने दिमाग से टाइम फ्रेम को निकल दे क्यो की अभी शुरू शरू में आप अगर लिखने
में अधिक समय लगाभी रहे है तो कोई दिक्क्त की बात नहीं है। अब प्रश्नो को ध्यान पूर्वक पढ़े और
सोंचे की इसके लिए तथ्व कहा से जुटाएंगे आप तथ्व जोतने के लिए किताब का इतेमाल कर सकते है।
अब जो सबसे महत्पूर्ण बात है वह यह है की आप इस प्रश्नो के उत्तर लिखने में कौन कौन से पॉइंट
आपको लिखने है यह ध्यान में रख ले फिर यह निर्णय ले की कौन से पॉइंट आपको पहले लिखने है
मतलब पॉइंट का एक कर्म बना ले फिर लिखना लिखना शुरू कर दे प्रश्न का उत्तर लिखने के समय
यह बात ध्यान में रखे की प्रश्न आप से किस कर्म में लिखने के लिए कहा जा रहा है यानि यदि प्रश्न
की डिमांड है की उत्तर paragraph के रूप में दे तो आप उत्तर paragraph के रूप के ही लिखे और
यदि प्रश्न के डमांड है की उत्तर पॉइंट के थरू दे तो आप उत्तर बिलकुल वैसे से लिखे।
उत्तर लिखने के कर्म में आपको आपके प्रश्न के टॉपिक के अंस पर अधिक ध्यान केन्द्रित करनी
चहिये फिर यह ध्यान मे में रखे की प्रश्न कितने भागो में बटा हुआ है जैसे upsc में अधिकांश प्रश्न
ऐसे होते है जो 2 या 3 भागो में बटे होते है अब आप इन भागो के आधार पर पॉइंट तैयार कर ले फिर
इस पॉइंट को स्टेप बॉय स्टेप फोलो करते चलेजाये इस लिखने के कर्म में आप उन शब्दो पर ध्यान दे
जो शब्द आप उत्तर लिखने के लिए प्रयोग कर रहे है क्या वह शब्द आपके सेंटेंस के अनुकूल है या
नहीं क्यो की UPSC के एग्जाम में शब्दो का सही इस्तेमाल परीक्षक को बहुत प्रभावित करता है।
उत्तर लेखन अभ्यास के समय इण पॉइंट को याद रखें।
(a) हमेशा समय सीमा का उपयोग करके अभ्यास करें।
(b) अपने उत्तरों का स्व-मूल्यांकन करें।
(c) अपना खुद का मॉडल उत्तर विकसित करें।
(d) कम से कम 3 प्रश्नो के उत्तर लेखन का अभ्यास प्रति दिन करे।
उत्तर लेखन में गति कैसे लिये ?
उत्तर लेखन में गति लाने के लिए आपको निम्नलखित बातो पर ध्यान दे।
(1) लिखने का निरंतर प्रयास करे :- लिखना कोई जनेटिक एट्रिब्यूट नहीं है यह तो हर व्यक्ति समय
के साथ ही विकसित करता है और किसी भी अन्य एक्सरसाइज की तरह लगातार प्रेक्टिश करने से
इसे आप आसान और सहज बना सकते है इस लिए हर दिन कुछ भी लिखने का निरंतर प्रयास करते
रहे यदि सम्भव हो तो हर दी नये विषय पर लेख लिखने की कोसिस करें
(2) अपनी हैंडराइटिंग पर ध्यान दे:- शुरू शुरू में जब आप तेग गति से लिखेगे तो आपकी हैंडराइटिंग
खराब होगी इससे बिलकुल भी घबराये नहीं निरन्तरं प्रयास से यह प्रॉब्लम ठीक हो जाएगीऔर
अपनी हैंडराइटिंग को लेकर बहुत अधिक चिंतित न हो क्यो की परीक्षक आपकी हैंडराइटिंग से
ज्यादा इस बात पर ध्यान देते है की अपने क्या लिखा है बस इतनी कोसिस करे की आप जो लिख रहे
है पढ़ने वाले को उसे पढ़ने में बहुत ज्यादा मुश्किल न हो हला की छोटे अक्षर में लिखना यहां आप की
मदद कर सकता है।
(3) सही कलम चुनें:- एक अच्छी लिखावट के लिए यह बहुत जरूरी है की आप सही पेन प्रयोग करे
सबसे पहले यह सुनिचित करे की आप जिस पेन से लिख रहे है उसकी ग्रिप आपके अनुकूल है और
उसके इंक फ्लो भी बढ़िया होनी चाहिए। तेजी से लिखने के लिए पेन की ग्रिप को कस कर पकडने
की बजाय हल्के हाथो से पकड़े और लिखने के लिए अपनी कलाई से ज्यादा अपनी बांह का प्रयोग करे।
(4) सही मुद्रा में बैठ कर लिखे :- लिखते समय हम अक्सर आघे की ओर झुग जाते है जिस वह से
हमारे हाथो पर अधिक लोड (प्रेसर ) परता है और वह जल्दी थक जाता है और लिखावट में गति भी
नहीं आती है इस लिए कोसिस करे की लिखते समय आपकी पीठ और कमर सीधी रहे।
0 टिप्पणियाँ