DM aur SP ki sailere kitane hoti hai?डीएम और SP की सैलरी कितनी होती है?

 डीएम और SP की सैलरी कितनी होती  है?

 देश के हर राज और हर जिले को सही तरीके से चलने के लिए एक बड़े अधकारी की नियुक्ति की जाती है जिसके तहत पूरा जिला उसके निचे काम करता है उसका नाम होता है जिला अधिकारी जिसे हम DM भी कहते है इसके साथ ही साथ एक और अधिकारी होता है जो DM के समांतर काम करता है जो अपराध को नियंत्रित करता है जो उसी जिला अधिकरी के समक्ष होता है जिसे पुलिस अधीक्षक कहते है जो पुलिस विभाग का सबसे बड़ा अधकारी होता है उसे IPS कहते है।  आज हम इन्ही दोनों पदों पर काम करने वाले IAS और IPS के बारे में बात करेंगे। 


DM और SP का सेलेक्शन कैसे होता। 


जैसा की हम सभी जानते है संघ लोक सेवा आयोग यानि UPSC की परीक्षा पुरे भारत में सबसे मुश्किल परीक्षाआ में से एक मानी जाती है हर साल लाखो लाख उमीदवार इस परीक्षा में बैठते है और सपना देखते है की IAS या IPS  का पद हासिल करेंगे IAS यानि INDIAN ADMINISTRATION SERVICE जिसके जरिये आप ब्यूरो क्रेसी में इंट्री करते है और चुने जाने के बाद उमीदवार विभन्न मंत्रालोयो , विभगों , या जिलों के मुख्याओ बनाये जाते है भरतीये नौकर सही में सबसे बड़ा पद केबिनेट स्क्रीटरी का होता है तो वही IPS यानि की इंडियन पुलिस सर्विस के जरिये कोई भी आदमी पुलिस महकमे के आला अफसरों में सुमार होता है इसमें ट्रेनी IPS से DGP या इंटलीजेंस बीरो ,CBI चिप तक पहचा जा सकता है। 


UPSC परीक्षा 3 माध्यम से की जाती है जिसमे पहला प्रीलिम्स,दूसरा मैन्स ,और तीसरा इंटरव्यू होता है इसी के बाद चुने होये उमीदवार देश के कोने कोने में जाते है। 

AIS और IPS में क्या अंतर होता है ?

AIS का कोई ड्रेस कॉर्ड नहीं होता है वह हमेसा फॉर्मल ड्रेस में रहता है लेकिन एक IPS हमेसा डियूटी के दौरान वर्दी पहनता है।  वही एक AIS की साथ एक या  दो अंग रक्षक मिलेंगे एक IPS के साथ पूरी पुलिस फ़ोर्स चलती चलती है। जब AIS बनते है एक मेडिल दिया जाता है इसके विपरीत जब IPS बनते है तो सोर्ड फ़ो ऑनर से सम्मानित किया जता है। 


एक AIS अधिकारी लोक प्रसासन और निति निर्माण और कार्यान्ग के लिए जिम्मेदार होता है यानि सरकार जो नीतिया बनती है उन्हें लागु करबाने का काम एक AIS अधिकारी के जिम्मे होता है वही इसके तक उल्ट एक IPS अधिकारी कानून और व्यवस्था को बनाय रखने और क्षेत्र में अपराध रोकने की जिम्मेदारी लेता है। 

AIS और IPS के शुरू के 3 महीने की ट्रेनिंग लाल बहादुर शास्त्री प्रसासनिक एकडमिक में होती है जिसे फॉउंडेशन कोर्स भी कहा जाता है फिर उसके बाद IPS प्रशिक्षण को सरदल बल्लभ भाई पटेल राष्टीय पोलिश अकादमी हैदरा बाद भेज दिया जाता है। जाह उन्हें पुलिस की ट्रेनिंग दी जाती है। 


यदि तुलनात्म दृष्टि से देखे तो IPS की ट्रेनिंग जायदा मुश्किल होती है। यह पता होना बेहद जरूरी है की AIS और IPS के नियंत्रण करता कोण है। जहा AIS नियंत्रण करता कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग कार्मिक लोग शिकायत और पेंसन मंत्रालय होता है तो वही उसके ठीक उल्ट IPS का नियंत्रण करता ग्रेमंत्रालये होता है। 

एक AIS अधिकारी को सरकारी विभाग और कई मंत्रालियो का काम दिया जा सकता है वही IPS अधिकारी को पुलिस विभाग में काम करता है। 


AIS और IPS की सैलरी कितनी होती है ?

आगरा हम AIS और IPS की सैलरी की बात करे तो एक AIS की सैलरी IPS से अधिक होती है 7पे कमीशन की बात करे तो एक AIS का वेतन 2 . 50 लाख प्रति महीना होता है इसके साथ कई सुविधा भी दी जाती है। 

तो वही IPS का वेतन 2,25 000 रुपये प्रति महीना तक हो सकता है। एक चेत्र में एक ही AIS हो सकते है और वही एक IPS किसी चेत्र में एक से अधिक हो सकते है। 

यदि रेंक की बात करे तो AIS सर्वोच रेंक होता है एक AIS ही किसी जिले का डीएम बनता है। 
  
 

AIS बनने के बाद की जिंदगी।


जैसा की हमे पता है जब किसी छात्र का AIS या IPS में सेलेक्शन हो जाता है टब उनकी  ट्रेनिंग की शुरुआत मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (LBSNAA) में फाउंडेशन कोर्स से होती है, जिसमें आईएएस अफसर के लिए सेलेक्टेड कैंडिडेट्स के अलावा आईपीएस, आईएफएस और आईआरएस के लिए चुने गए अधिकारी भी शामिल होते हैं जो नये कंडीडेट को ट्रेनिंग देते है। 


लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी में पहला अनुभव। 

एकेडमी में पहंचते है सबसे पहले आपको एक आदर्श वाक्ये देखने को मिलेगा शील परम् भूषणम यह एक संस्कृत का वक्ये है जिसका अर्थ होता है मनुष्य का स्वभाव उसका चरित्र , आचरण , चाल-चलन ,उसका अच्छा एवं उत्तम व्यवहार ही उसके गहने हैं। चांदी , सोने के गहने व्यर्थ है अगर मनुष्य में विनम्रता नहीं , शिष्टता नहीं , उसकी वाणी में माधुर्य नहीं। 

इसके बाद आईएएस  का एक आदर्श वाक्य लिखा होता है 'योग: कर्मसु कौशलम्   जिसका अर्थ होता है कर्मयोग के अनुसार कर्म करने में कुशल व्यक्ति कर्मबंधनों से मुक्त हो जाता है। कर्म में कुशलता का अर्थ है, ऐसी मानसिक स्थिति में काम करना कि व्यक्ति कर्म एकदम अच्छे तरीके से करे और फल की चिंता में पड़कर खुद को व्यग्र न करे।अंदर एलबीएसएसएए का ध्येय वाक्य लिखा था- पिछड़े और वंचित व्यक्ति की सेवा. लोक सेवक का उद्देश्य भी यही होना चाहिए' . 

कैंडिडेट्स से कराई जाती है खास एक्टिविटीज


एकेडमी के अंदर कुछ खास एक्टिविटीज कराई जाती हैं, जिसमें मेंटल और फिजिकल मजबूती के लिए हिमालय की कठिन ट्रैकिंग एक है. यह हर ट्रेनी के लिए जरूरी होती है. इसके अलावा सभी अफसरों के लिए इंडिया डे का आयोजन किया जाता है, जिसमें सभी को अपने-अपने राज्य की संस्कृति का प्रदर्शन करना होता है. इसमें सिविस सेवा अधिकारी पहनावे, लोक नृत्य या फिर खाने के जरिए देश की 'विविधता में एकता' दिखाते हैं.

सिविस सेवा अधिकारियों को विलेज विजिट की ट्रेनिंग भी दी जाती है और इस दौरान अफसरों को देश के किसी सुदूर गांव में जाकर 7 दिन रहना होता है. अधिकारी को गांव की जिंदगी के हर पहलू को बारीकी से समझने का मौका मिलता है. सिविस सेवा अधिकारी को गांव के लोगों के अनुभव और उनकी समस्याओं से सामना होता है, जिनमें गांव के स्कूल, अस्पताल, पंचायत, आदि शामिल हैं.


3 महीने की फाउंडेशन ट्रेनिंग के बाद अन्य सिविस सेवा अधिकारी अपनी-अपनी एकेडमी में चले जाते हैं और सिर्फ आईएएएस ट्रेनी ही लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (LBSNAA) में रह जाते हैं. इसके बाद आईएएस अधिकारी की प्रोफेशनल ट्रेनिंग शुरू होती है और इसमें एडमिस्ट्रेशन व गवर्नेंस के हर सेक्टर की जानकारी दी जाती है. प्रोफेशनल ट्रेनिंग के दौरान एजुकेशन, हेल्थ, एनर्जी, एग्रीकल्चर, इंडस्ट्री, रूरल डिवेलपमेंट, पंचायती राज, अर्बन डिवेलपमेंट, सोशल सेक्टर, वन, कानून-व्यवस्था, महिला एवं बाल विकास, ट्राइबल डिवेलपमेंट जैसे सेक्टर्स पर देश के जाने-माने एक्सपर्ट और सीनियर ब्यूरोक्रेट क्लास लेने आते हैं.

ट्रेनिंग में मिलने वाली सुविधाएं। 

जब आप AIS या IPS ट्रेनिंग के लिए मसूरी जाते है तो वह आप को रहने का लिए एक रूम दिया जाता है जिसमे AC लगे होते है और आपको एक लैपटॉप फ्री wifi सुविधा साथ दी जाती है आपके भोजन के लिए काफी सरे डिस मौजूद होते है जिसमे मास मछली से लेकर हरि सब्जिया भी होती है। इन भोजनो का आपसे कोई चार्ज नहीं लिया जाता यह चार्ज आपके महीने के पगार से काटे जाते है जिसका एक फिक्स चार्ज होता है आप चाहे कम खये या अधिक या आप नहीं भी खये आपको इसका चार्ज देना ही होगा। 


जब आपकी ट्रैनिंग कम्पलीट होजाती है तब आपको भारत एक किसी भी जिले में काम करने के लिए भेज दिया  जाता है जहा आपके अंदर उस जिले के सभी उच्च अधिकार और पुलिस आपके साथ काम करेंगे आपको इन सभी को मैनेज करते हुए काम करना होता है और जिले जिले में सन्ति और कानून व्यवस्था कायम करना  होती है। 

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