राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण नियम के गठन को मंजूरी।
☝ हाल ही में केंद्रीय केबिनेट द्वारा राष्ट्रिय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLCM) के गठन को मंजूरी दी गई है।
☝यह मंजूरी बजट 2021-22 की घोसनाओ के अनुरूप दी गई है।
☝इसका गठन स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के रूप में किया जाएगा।
☝इसे वित्त मंत्रालिये को लोक उघमं विभाग गठित करेगा और इसके लिए प्रशासनिक मंत्रालय के रूप में कार्य करेगा।
☝ इसकी प्रारम्भिक अधिकृत शेयर पूंजी 5000 करोड़ रूपये और चुकता शेयर पूंजी 150 करोड़ रुपया होगी।
☝ NLMC केंद्रीय सार्वजनिक क्षत्रे उघमों (CPSES) क स्वामित्व वाली अतिरिक्त भूमि और भवनों का मुद्रीकरण करेगी।
☝गौरतलब है की वर्तमान में CPSES के पास बड़ी मात्रा में ऐसी भूमि है और परिसंपत्तिया मौजूद है जो उपयोज में नहीं है या आंशिक उपयोग वाली है।
☝CPSES द्वारा अतिरिक्त भूमि मुद्रीकरण का कार्य एक एजेंसी के रूप में किया जायगा।
उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO)
👅यूरोपीय देश रूस द्वारा यूक्रेन पर सैन्य हमला करने के कारण उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) चर्चा में आ गया है।
नाटो क्या है।
👅यह संयुक्त राज्य अमेरिका ,कनाडा और कई पश्चिमी यूरोपीय देशो द्वारा स्थापित एक सैन्य गठबंधन है।
👅इसकी स्थापना 1994 में हुई थी।
👅इसे सोवियत संघ के खिलाप सामूहिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया था।
👅 वर्तमान में 30 देश इसके सदस्य है।
👅उत्तर मेसेडोनिया 2020 में गटबंधन में शामिल होने वाला नवीनतम सदस्य देश बना।
1994 में नाटो द्वारा स्व-घोषित मिशन के तीन लक्ष्य थे।
(1) सोवियत विस्तारवाद को रोकना।
(2) महाद्वीप पर एक मजबूत उत्तरी अमेरिकी उपस्थिति के माध्यम से यूरोप में राष्ट्रवादी सैन्यवाद के पुनरूद्दार को रोकना।
(3) यूरोपीय राजनितिक एकीकरण को प्रोत्साहित करना।
👅पश्चिमी देशो के सैन्य समूह नाटो के जवाब में सोवियत संघ द्वारा वारसा संधि संगठन बनाया गया।
वारसा संधि क्या है ?
👅 यह संधि सोवियत संघ और उसके सहयोग देश के बिच एक पारस्परिक रक्षा समझौता था।
👅इस संधि पर वर्ष 1995 में हस्ताक्षर किये गये
👅 पश्चिमी जर्मनी नाटो में भर्ती होने के कुछ ही समय बाद यह समझौता किया गया था।
👅1991 में सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक (USSR) संघ के विघटन के बाद यह गठबंधन भंग हो गया था।
नाटो से संबंधीत अन्य महत्पूर्ण तथ्य।
👅 नाटो के किसी एक सदस्य देश के खिलाप सशस्त्र हमले की स्थिति में सदस्य एक दूसरे की सहायता करते है।
👅 नाटो के एक सदस्य देश पर हमला सभी सदस्य देशो के खिलाफ हमला माना जा जायगा।
👅 1991 में सोवियत संघ के पतन के बाद ,कई पूर्व वारसा संधि देशो ने पक्ष बदल लिया और नाटो के सदस्य बन गए
👅28 मई 2002 को रोम ( रोम घोषण) में नाटो और रूस के बिच आपसी संबंधो पर परामर्श और सहयोग के लिए नाटो - रूस परिषद (NRC) की स्थापना की गई।
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