भारत का सामान्य परिचय
उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में समुंद्री तक फैला यह उपमहाद्वीप भारतवर्ष के नाम से ज्ञात है ,जिसे महाकाव्य तथा पुराणों में भारतवर्ष अर्थात भारत देश कहा जाता है और यहाँ के निवासियों को भारतीय कहा जाता है। यूनानियों ने भारत को इंडिया तथा मध्यकालीन मुस्लिम इतिहासकारो ने हिन्द अथवा हिंदुस्तान के नाम से संबोधित किया है।
प्राचीन काल में भारत को जम्बूदीप के नाम से भी जाना जाता था फिर जब भारत में आर्यो का प्रवेश हुआ तब इसका नाम आर्योवृत रखा गया आर्योवृत का जो उल्लेख मिलता है वह ऋग्वेद में मिलता है।
भारत का भारत नाम कैसे पड़ा ?
कहते है की आर्यो के जो राजा थे उनका नाम भरत था और उन्ही के नाम पर इस देश का नाम भारत रखा गया। आर्यो जब भारत के आये तो उनका के रहने की मुलताह जगह उत्तर भारत में सिंधु नदी के आस पास थी। और जब ईरानी आये तो ईरानियों ने सिंधु को हिन्दू कहा और यह देश है इस देश को उन्होंने नाम दिया हिदुस्तान क्यो की उनकी भासा की उच्चारण सेली यह के भाष से अलग थी वह स को हो करते थे इन्ही वजह से भारत का नाम हिंदुस्तान पड़ा।
जब ईरानी के बाद यूनानी भारत आये आये तो योनिनियो ने सिंधु नदी को इंडेक्स कहा और इस देश को इन्डिया कहा। यदि बात की आय हमारे देश के संविधान की तो संविधान में जो भारत के लिए जो शब्द प्रयोग हुआ है वह है इन्डिया अर्थात भारत ,
इन्डिया अर्थात भारत को राज्यों का संघ कहा जाता है जिसमे कुल 28 राज और 8 केंद्र शासित प्रदेश है और राज्यों के लिए यूनियन शब्द का इस्तेमाल हुआ है।
भारत की आकृति किसी है।
भारत की आकृति चतुष्कोणीय है
👅 क्षेत्रफल : -3287263
👅जनसंख्या :- 1,21,05,69,573
👅अवस्थिति :- उत्तरी गोलार्द्ध एशिया महाद्वीप।
👅स्थलिय सिमा :-15,106
👅सटीक सीमा : 75166 वर्ग किलो मीटर।
👅विदेशी सीमाओ से संबंध भरतीये राज्य: 17
👅भारत के स्थल रुद्द राज्य :5
👅भारत की स्थिलये सिमा से संबंध देश :7
👅भारतये सिमा से संबंध देश :9
👅भारत के जलीय सिमा से संबंध देश :2
क्षैतफल के दृष्टि से भारत का विश्व में सातवा स्थान है पहले स्थान पर रूस का दूसरे स्थान पर कनाडा तीसरा स्थान चीन चौथे स्थान पर अमेरिका पांचवा स्थान ब्राजील और छठे स्थान पर ऑस्टेलिये है। जनसंख्या के दृश्टि से भारत का विश्व में दूसरा स्थान है।
भारतो के राज्य और राजधानी।
राज्य के नाम राजधानी
भारत नई दिल्ली
लद्दाख लेह
जम्मू एंड कश्मीर जम्मू
हिमाचल प्रदेश श्मिला/धर्मशाला
पंजाब और हरियाणा चंडीगर
राजस्थान जयपुर
गुजरात जयपुर
महाराष्ट्र मुंबई /नागपुर
गोवा पंजी
कर्नाटका बंगलुरु
पुडुचेर्री माहे /काराईकल
केरला तिरुवनंतपुरम
तमिल नाडु चेन्नई
आंध्र प्रदेश अमरावती
तेलंगाना हैदराबाद
ओडिशा भुवनेश्वर
छत्तीसगढ रायपुर
झारखंड रांची
पश्चिम बंगाल कोलकाता
बिहार पटना
उत्तर प्रदेश लखनऊ
मध्य प्रदेश भोपाल
उत्तराखंड देहरादून
सिक्किम गंगोटक
अरुणाचल प्रदेश इटाकानगर
आसाम दिसपुर
मेघालय शिलांग
त्रिपुरा अगरतला
नगालैंड कोहिमा
मणिपुर इंफाल
आइजोल मिजोरम
अंडमान निकोबारिसलैंड्स पोर्ट ब्लेयर
लक्षद्वीप कवरत्ती
दादरा नगर हवेली और दमन दीव दमन /सिलवासन
भारत की भोगोलिक अवस्थिति विस्तार ।
भूगोल के जो वैज्ञानिक है उनके द्वार अस्वथिति को समझने का जो सबसे आसान तरीका बनाया गया है वह है अक्षांश और देशांतर रेखाए। इन रेखा के आधार पर पृथ्वी चार खंडो में बाटी जाती है और हर एक खंड एक चतुरस्थान कहलाता है पृथ्वी में किसी स्थान की भौगोलिक स्थिति का निर्धारण अक्षांश और देशांतर रेखाओं द्वारा किया जाता है। किसी स्थान का अक्षांश , धरातल पर उस स्थान की “उत्तर से दक्षिण” की स्थिति को तथा किसी स्थान का देशांतर धरातल पर उस स्थान की “पूर्व से पश्चिम” की स्थिति को प्रदर्शित करता है इस हिसाब से भारत उत्तरी गोलार्ध और दक्षिण गोलार्ध में स्थित है। ग्लोब पर भारत की भोगलिक अवस्थिति है वह पहले चतुरस्थान में है यानि उत्तर पूर्व में अवस्थित है।
भारत का अक्षांसीय विस्तार 8डिग्री 4मिनट उत्तरी अक्षांस से लेकर 37डिग्री 6मिनट उत्तरी अक्षांस तक है और भारत की पूर्व से पश्चिमी की दुरी 68डिग्री 7 मिनट देशांतर लेकर 97डिग्री 25मिनट देशांतर में स्थित है. भारत का सबसे अधिक अंतराष्टीय सिमा बगलादेश के साथ जुरता है जिसकी लम्बाई 4096वर्ग किलो मीटर है. फिर दूसरे नंबर पर चीन आता है जिसके साथ हमारी कुल सिमा 3488 किलो मीटर लगती है नेपाल के हमारी कुल सिमा 1751 किलो मीटर लगती है ,भूटान के 699 किलो मीटर ,बर्मा के साथ 1643 किलो मीटर,पाकिस्तान के साथ 3323 किलो मीटर सिमा साझा करता है।
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