बाँधो की सुरक्षा के लिए नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी का गठन किया
गया। इस अथॉरिटी का गठन 2021 में बने सुरक्षा कानूनों के तहत किया गया है।
इसके साथ ही सरकार ने बाँधो की सुरक्षा पर एक राष्ट्रिय सिमिति का भी
गठन किया है। नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी की नीतियों लागु करने का कार्य करेगी।
अथॉरिटी द्वारा बाँध सुरक्षा के पैरामीटर्स को बनाए रखेगी आपदाओ को
भी रोकने का प्रयास करेगी और अलग अलग राज्यों के बीच बाँधो से जुड़े
मुद्दे को सुलझाने की भी जिम्मेदारी इसी अथॉरिटी के पास होगी।
चुकी पिछले वर्ष दिसंबर में संसद द्वारा बाँध सुरक्षा विधेयक 2019 पारित
की गई थी। कानून में बाँध सुरक्षा पर राष्टीय समिति और नेशनल डैम
सेफ्टी अथॉरिटी के गठन की बात शामिल है इस विधेयक के तहत देश भर
के बाँधो की निरक्षण, संचालन और रखखाव का प्रवधान है।
बाँधो की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक संस्थागत प्रणाली का
प्रवधान किया गया है। जिसके अंतर्गत बाँध सुरक्षा पर राष्ट्रीय समिति
और राज्य समिति, नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी और राज्य बाँध सुरक्षा
संगठन का निर्माण किया जाना है।
बाँध सुरक्षा पर गठित राष्ट्रीय समिति में 22 सदस्य होंगे जिसकी
अध्यक्षाता केन्द्रीय जल आयोग के चेयरमैन करेंगे। नेशनल डैम सेफ्टी
अथॉरिटी में एक अध्यक्ष और उनकी सहायता के लिए पाँच अन्ये सदस्ये
शामिल होंगे जिसमे इस अथॉरोटी के पाँच विंग होंगे।
अथॉरिटी की 5 विंग्स कुछ इस प्रकार है।
(1) निति और अनुसंधान विंग।
(2) तकनीकी विंग
(3) रेगुलेशन विंग
(4) आपदा और रेजिलिएस विंग
(5) प्रसासन और वित्त विंग
यह अथॉरिटी राज्ये के बाँध सुरक्षा संगठनों को तकनीकी मदद प्रदान करेगी
और विभिन्न राज्यो के बाँध सुरक्षा संगठनों के बीच विवादों को निपटने का
काम करेगी। राज्य बाँध सुरक्षा संगठन बाँध का परिचालन और रखरखाव
का डेटाबेस रखेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने नागरिको के मौलिक कर्तव्यो को अम्ल में लेन के संदर्भ में केंद्र और राज्य सरकारों को का नोटिश जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने नागरिको के मौलिक कर्तव्यो को अम्ल में लेन के संदर्भ में
केंद्र और राज्य सरकारों को का नोटिश जारी किया है। यह नोटिस सर्वोच
अदालत में दायर एक याचिका के बाद जारी किया गया।
दायर याचिका में मौलिक कर्तव्यो का कर्यान्वयन सुनिशिचत करने के लिए
का कानून की मांग की गए थी ताकी सभी नागरिक अपने मौलिक कर्तव्य
का पालन पूरी जिम्मेदारी से करे तथा देश के विकास और बेहतरी में
योगदान दे सके क्यो की पिछले कुछ वर्षो में सरकारी कर्मचारियो और
नागरिको द्वारा मौलिक कर्तव्य का उल्ल्घन बढ़ा है।
जिसके परिणामस्वरूप अन्य नागरिको को मौलिक अधिकारों का उल्ल्घन
हुआ है। इसके अलावा समय - समय पर विभिन्न सार्वजनिक चर्चाओ भी
मौलिक कर्त्यव के पालन का मुद्दा उठता रहा है
क्या है मौलिक कर्त्यव ?
मौलिक कर्तव्य को वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में
जोड़ा गया था। मौलिक कर्तव्य का उल्लेख भारतीय सविधान के अनुछेद
51A में मिलता है।
प्रारम्भ में संविधान के केवल 10 मौलिक कर्तव्य शामिल थे। लेकिन वर्ष
2002 में 86 वें संविधान संसोधन के बाद अब इसकी संख्या 11 हो गई है।
हलकी यह कर्तव्य वर्तमान में किसी कानून द्वारा लागु नहीं होता है लेकिन
अदालत किसी मामले पर फैसला सुनते समय उन्हें ध्यान में रख सकती है।
संविधान द्वारा किसी नागरिक को मिले मूल अधिकार के बदले में
नागरिको के दायित्व पर जोर देने के लिए मौलिक कर्तव्ये को सविधान में
जोड़ा गया था।
जब संविधान ने नागरिको को कुछ मौलिक अधिकार प्रदान किये है तो
नागरिको के आचरण को लोकतांत्रिक रखने के लिए कुछ बुनयादी कर्तव्यो
का पालन करना जरूरी है क्यो की अधिकार और कर्तव्य एक दूसरे से
परस्पर सम्भंधित है।
तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (SC) दायर की याचका
तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (SC) में न्यूट्रॉनों प्रोजेक्ट को लेकर दायर
हलफनामा करते हुए कहा है। भारतीय न्यूट्रॉनों आब्जर्वेटरी प्रोजेक्ट से
पश्चमी घाट में बड़े पैमाने पर नुकशान हो सकता है। इस लिए राज्य
सरकार ने इस परियोजना के निर्माण को मंजूरी देने से मना कर दिया है।
यह हलफनामा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण अथॉरिटी से प्रोजेक्ट को No
Objection Certificate (NOC) मिलने के बाद किया गया है।
दरसल यह परियोजना पश्चिमी घाट के मथिकेत्तन - पेरियार बाघ गलियो
में स्थित है तमिलनाडु सरकार का कहना है की अगर यह परियोजना शुरू
होती है तो इससे पश्चिमी घाट में इस्थित पेरियार टाइगर रिजर्व और
मथिकेत्तन शोला नेशनल पार्क की जैविक विविधता प्रभावित होगी जससे
वन्य जीव को गंभीर हानि हो सकती है।
इस परियोजना हेतु उत्खनन और निर्माण गतिविधिया मोसिमि प्रवास
करने वाले जानवरो को भी प्रभवित करेगी। इसके अलावा पश्मीघाट की
सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्रार्थमिकता में से एक होगी क्यो की यह क्षेत्र
वैश्विक जैविक विविधता से भरपूर है।
भारतीय न्यूट्रॉनों अब्जरवेन्ट्री तमिलनाडु के थेनि जिले के पोट्टिपुटी गांव में
प्रस्तावित है। इस परियोजना का का उद्देश्य लगभग 1200 हजार मीटर की
गहरी गुफा में न्यूट्रॉनों का अध्ययन करना है।
इस प्रोजेक्ट के लिए यह स्थान इस लये चुना गया है क्यो की इस स्थान पर
सभी दिशाओ में स्थित चट्टानों न्यूट्रोनो डिटेक्टर को अन्य ब्रह्मंडिलिये
किरणों से सुरक्षित रखती है।
न्यूट्रोनो एक सब अटॉमिक पार्टिकल है जो एक इल्क्ट्रोन के समान्त होता
है। यह REDIOACTIVE DECAY सुपरनोवा विस्फ़ोर्ट ब्रहांडिये किरणों के
परमाणुओ से टकराने आदि के दौरान उत्तपन होते है।
ग्रामीण आजीविका में distributor renewal anergy(DRE) के महत्व के मद्देनजर सरकार पॉलिसी लाने जारही है।
ग्रामीण आजीविका में distributor renewal anergy(DRE) के महत्व के
मद्देनजर सरकार पॉलिसी लाने जारही है. इसके लिए पिछले हप्ते लोगो के
बिच पॉलिसी और ड्राफ्ट रख दिया।
ड्राफ्ट के मुताबिक सरकार का मकसद दुर्गुम इलाको सहित देश भर में ऊर्जा
की पहंच सुनिशिचत करना उदेश है। इस के लिए डिस्ट्रब्यूटेड रिन्यूएबल
एनर्जी का सहारा लिया जाएगा। पावर पलांट ऊर्जा उपयोग़ बिंदु के निकट
डिस्ट्रब्यूटेड रिन्यूऐबल एनर्जी सोर्स का इस्तेमाल होता है।
ग्रामीण इलाको में पावर ,कुकिंग ,हीटिंग और कूलिंग जैसी जरूरतो के लिए
इस्तमाल होता है। इसके लिए हम घर के छतो पर सोलर रूफटॉप , खेतो में
बायो गैस प्लांट का उपयोग कर सकते है।
डिस्ट्रब्यूटेड रिन्यूऐबल एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सरकार को कुसुम
योजना ,रूफटॉप सोलर प्रोग्रम ,सोलर पार्क्स ग्रीम एनर्जी कॉरिडोर जैसे
स्किम पर जोर दे रही है।
हालिया पॉलिसी या ड्राफ्ट में बाजार आधारित एक हकोसिस्टम
होकोसिस्टम तैयार किया गया है। इसके साथ ही फाइनेंस के जरिये लोगो
को DRE सोर्सेस के लिए प्रेरित करना भी सरकार का मकसद था। हाई
क्वलिटिया प्रोडक्ट का प्रभंध और (R&D) को बढ़ावा देना भी इसका
मकसद है। इसके अलावा मुख्य ग्रेड के साथ मिनी और माइक्रो ग्रेड को
आपरेट करने पर जोर रहेगा। डिस्ट्रीब्यूटर प्रोजेक्ट की प्रोग्रेश के निगरानी
के लिए ड्राफ्ट में एक कमिटी का जिक्र है।
भारत और (UAE) United Arab Emirates ने (CEPA) Comprehensive Economic Partnership Agreement पर हस्ताक्षर किया है
यह हस्ताक्षर UA E द्वारा किया गया पहला दिवपक्षये व्यापार समझौता
है। साथ ही मिडिल ईस्ट क्षेत्र में भारत का पहला द्विपक्षीये व्यापार
समझौता है। इससे दोनों देशो के बीच आर्थिक और वित्तये संबंधो को नई
दिशा और आपसी रणनीतिक सहयोग में बढ़ोतरी होगी।
समझौते से होने वाले मुख्य लाभ।
इस समझौते से लगभग 26 अरब डॉलर मुल्ये के भारतीय उत्पादकों को
लाभ मिलेगा जिन पर UAE 5% आयात शुल्क लागता है।
कृषि खाघ उत्पादन रत्न और आभूषण टेक्सटाइल ऑटोमोबाइल ,
इंजियंरिंग और फार्मास्यूटिकल्स आदि क्षेत्रो में निर्यात बढ़ेगा तथा दोनों
देशो के बीच होने वाले व्यापार पर टैरिफ और सिमा शुल्क को कम करने में
भी मदद मिलेगी।
दोनों देशो में रोजगार के नए अवसरों का सूजन भी होगा इसके एलावा यह
अफ्रीका और एशिया के बीच उभरते व्यापार मार्गो को खोलेगा तथा विश्व
में व्यापार उदारिकन को भी बढ़ावा देगा।
संयुक्त अरब अमीरात भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यपारिक भागीदार है
अगले 5 वर्षो में दोनों देशो के बीच द्विपक्षय व्यापार 60 अरब डॉलर से
बढ़कर 100 अरब डॉलर होने की उम्मीद है।
कॉम्प्रिहेंसव इकोनॉमिक पार्टनरशिप अग्रीमेंट एक प्रकार का मुक्त
व्यापारिक समझौता है जिसमे व्यापार और आर्थिक साझेदारी के अन्ये
क्षेत्रो पर सौदेबाजी की जाती है।
व्यापार सुविधा सिमा शुल्क सहयोग तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों जैसे
क्षेत्रो पर आपसी बातचीत की जाती है। भारत ने दक्षिण कोरिया और
जापान के साथ भी CEPA पर हस्तक्षर किए है।
Reserve Bank of India (RBI) ने डॉलर/रूपया के 2-वर्षिये बिक्री खरीद स्वैप की घसना की।
केंद्रीय बैंक द्वारा 5 अरब डॉलर की बिक्री - खरीद स्वैप नीलामी का
आयोजन क्या है। इस डॉलर स्वैप नीलामी में डॉलर/ रूपये के बिक्री पर
खरीद में मुद्राओ की अदला बदली की जाती है।
इसके तहत एक बैंक भारतीये रूपये के बदले में RBI से अमेरिकी डॉलर
खरीदता है। बिक्री - खरीद स्वैप की अवधि समाप्त होने पर बैंक दुवारा RBI
को उतने ही अमेरिकी डॉलर बेचने की बाध्यता है।
इस बिक्री खरीद स्वैप से केन्द्रीय बैंक को अपनी बेलैंस शीट बैलेंस शीट का
प्रबंध करने में मदद मिलेगी। वर्तमान समय में बैंकिंग प्रणाली में लगभग 7
लाख करोड़ रुपये की अतरिक्त नकदी है। इस बिक्री खरीद स्वैप से केंद्रीय
बैंक को बाजार से इस अतिरिक्त तरलता को सिखने में मदद मिलेगी।
इसके माध्यम से LIC का IPO यानि इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग आने से
पहले डॉलर के प्रवाह का प्रभंध भी संभव है। इसके आलावा यूक्रेन तनाव
और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते वैश्विक डॉलर की आपूर्ति
प्रभावित होगी ऐसे में यह व्यवस्था भारतीय अर्थव्यवस्था में डॉलर की
आपूर्ति बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
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