इस पोस्ट में आप करेंट इश्यूज से जुड़े वह सभी ख़बर देख सकते जो हाल ही में घटित हुई है। और जो आपको UPSC एग्जाम के GS पेपर 1 और 2 में आपको बहुत मदद करेगा। तो चले उन तमाम विषयो पर हम विस्तार से बात करते है।
सबसे पहले हम हैडलाइन देख लेते है।
*गुजरात और उत्तर प्रदेश में दो रामसर स्थलों की घोसना।
*केन्द्रय बजट 2022-23
*प्रभाव
*चुनौती
*आगे की राह
(1)गुजरात और उत्तर प्रदेश में दो रामसर स्थलों की घोसना।
हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा दो नए स्थलों (अंतर्राष्टी महत्व की आद्रभूमि ) की घोसना की गई।
यह घोसित रामसर स्थल है- खिजरिया वन्यजीव् अभयारण और बखिरा वन्यजीव् अभयारण। इसके साथ ही भारत में वर्तमान में कुल 49 रामसर स्थल हो गए है।
यह 10 लाख 93 हजार हेक्टैयर से भी ज्यादा के क्षेत्र को कवर करते है जो दक्षिण एशिया में सबसे अधिक है।
*बखिरा वन्यजीव अभयारण्य - उत्तर प्रदेश में स्थित है।
> यह बड़ी संख्या में मध्य एशिया पक्षियो की प्रजातियो के लिए सर्दियो में सुरक्षित और अनुकूल स्थल प्रदान करता है।
*खिजडिया वन्यजीव अभ्यारण गुजरात में है ,
> यह पक्षियो की व्यापक विविधता वाला तटीय आर्द्रभूमि है।
> जो लुप्तप्रय और कमजोर प्रजातियो को सुरक्षित आवास प्रदान करती है।
इन दोनों रामसर स्थलों की घोसना विश्व वेटलैंड दिवस के अवसर पर की गई।
> इससे पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा अगस्त 2021 में सुल्तानपुर राष्टीय उघान और झज्जर में भिंडावास वन्यजीव अभियारणो को रामसर स्थलों के रूप में अधिसूचित किया गया था।
> स्पेस एप्लीकेशन सेंटर ( एसएसी ) , अहमदाबाद द्वारा तैयार नेशनल वेटलैंड डेकाडल चेंज एटलस ' पिछले एक दशक में देश भर में आर्द्रभूमि में हुए परिवर्तनो पर प्रकाश डालता है।
*रामसर अभिसमय/ समझैते के बारे में।
>रामसर वेटलैंड कन्वेंसन आद्रभूमि के संरक्षण और टिकाऊ उपयोग के लिए वैश्विक पर्यावरण संधि है।
> इस संधि का नाम ईरान के शहर रामसर के नाम पर रखा गया है जहा 2 फरवरी 1971 को इस पर हस्ताक्षर किये गए थे।
> यह अंतरराष्ट्रीय महत्व की आद्रभूमियो के संरक्षक के उदेश से विश्व के राष्ट्रों के बिच एक सधी है।
> भारत 1 फरवरी 1982 को इन कन्वेंसन में शामिल हुआ था।
(a) न्यूज़ :-
केंद्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2022-23 पेश किया यह बजट ऐसे समय में पेश किया गया है जब भारत कोविड-19 की तीसरी लहर से उबर रहा है और देश में सैकड़ो युवा लगातार बेरजगारी का विरोध कर रहे है।
बजट के प्रमुख बिंदु (केंद्रीय बजट 2022-23)
*कृषि (Agriculture)
सरकार MSP संचालन के तहत गेहू और धान की खरीद के लिए 2. 37 लाख करोड़ रूपये का भुकतान करेगी।
2022-23 को बाजरा (MILLETS) के अंतर्राष्टी वर्ष के रूप में घोषित किया गया है। रेलवे , छोटे किसानो और MSME लिए नए उत्पादक विकसित करेगा।
आयत काम करने के लिए घरेलू तिलहन उत्पादक बढ़ाने की बेहतर योजना लाई जाएगी।
किसान ड्रोन के जरिये फसल मूल्यांकन , भूमि रिकॉर्ड , कीटनाशको के छिरकाव अदि से कृषि क्षेत्र में तकनीक का उपयोग बढ़ने की उम्मीद की जारही है।
* 44. 605 करोड़ रूपये की केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की घसना।
* गंगा नदी कॉरिडोर के किनारे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जायगा।
* किसानो की स्थाई कृषि उत्पादकता और आय को बढ़ावा देने के लिए सरकार पुरे देश में मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देगी।
* कृषि और ग्रामीण उद्घंनों से जुड़े स्टॉर्टअप को वित्तपोसित करने के लिए नाबार्ड के माध्यम से सह-निवेश मॉडल के तहत एक फंड की सुविधा दी जाएगी।
* मंत्रालयो द्वारा खरीद के लिए पूरी तरह से पेपरलेस , ई-बिल प्रणाली शुरू की जाएगी।
* कृषि वानिकी को अपनाने के लिए किसानो को वित्तय सहायता प्रदान की जाएगी।
वित्त (FINANCE)
* छोटे और मध्यम आकार के व्यापारों के लिए आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना को मार्च 2023 तक बढ़ाया जायेगा।
* ऊर्जा संक्रमण और जलवायु कार्रवाई सरकार की प्रमुख प्रार्थमिकता होगी।
* विशेष आर्थिक क्षेत्र अधिनियम को नए कानून से बदला जायेगा।
*समाधान प्रकिर्या में तेजी लाने के लिए दिवाला संहिता में संसोधन करना।
* कम्पनियो को बंद करने की प्रकिर्या को मौजूदा 2 साल से घटा कर 6 महीने करने का लक्ष।
*लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन सरचार्ज को 15% पर कैप किया जाएगा।
कर (taxation)
*कुछ रसायनो पर आयात शुल्क कम किया जाएगा।
* छोटे और मध्यम आकर के व्यवसायों के लिए स्टील स्क्रेप पर सिमा शुल्क छूट एक और वर्ष के लिए बढ़ाई जाएगी।
*स्टेनलेस स्टील , फ्लैट उत्पादों उच्च स्टील बार पर सिमा शुल्क रद्द किया जायेगा।
*गैर-मिश्रित इंधनो पर अक्टूबर 2022 से 2 रूपये प्रति लीटर का अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।
घाटा/व्यय (deficit/expenditure)-
* वित्त वर्ष 2025-26 तक़ सकल घरेलू उत्पाद के 4. 5 के राजकोषीय घाटा का अनुमान।
* 2022-23 में GDP का 6.4% राजकोषीय घाटा का अनुमान है।
* 2021-22 के लिए संधोधित राजकोषीय घाटा GDP का 6.9% है।
*2022-23 में कुल ख़र्च 39. 45 ट्रियलन।
* राज्यो को वित्त वर्ष 2022-23 में GDP के 4% राजकोषीय घाटे की अनुमति दी जाएगी।
*2022-23 में पूंजी निवेश ख़र्च के लिए राज्यो को 1 ट्रिलियन की वित्तीय सहायता योजना।
डिजिटल मुंद्रा (digital currency):
*वित्त वर्ष 2022-23 से ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके डिजिटल रूपया लॉन्च करने की तैयारी की है।
* वर्चुल डिजिटल संपतिया की बिक्री से होने वाले नुकशान की भरपाई अन्य आय से नहीं की जासकती।
*वर्चुल डिजिटल संपत्ति से होने वाले आय पर 30% कर लगाया जायेगा।
रक्षा (defence)
* रक्षा क्षेत्र में आयात कम करने के और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
* रक्षा क्षत्रे के लिए पूंजी का 68% स्थानिये उद्योग के लिए निर्धरित किया जायेगा।
अवसंरचना और उत्पादन (infra & manufacturing)
*5G स्पेक्ट्रम की नीलामी 2022 में होगी।
*डिजिटल इंफ़्रा को बढ़ावा देने के लिए डैश स्टैक ई-पोर्टल लॉन्च किया जायगा।
*एयर इण्डिया के स्वामित्व का रणनीतिक हस्तांतरण अब पूरा हो गया है।
*FY23 में चार मल्टी-मॉडल राष्ट्रीय उद्यान अनुबंध प्रदान किया जाएगा।
*एक्सप्रेसवे के लिए पीएम गति शक्ति मास्टरप्लान अगले वित्तीये वर्ष में तैयार किया जायेगा।
*अगले तीन वर्षो में 100 पीएम गति शक्ति टर्मिनल स्थापित किए जायगे।
*पीएम गति शक्ति योजना ,अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाएगी। और युवाओ के लिए अधिक रोजगार और अवसर पैदा करेगी।
नौकरिया (job)
*आपातकलीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (eckgs) मार्च 2023 तक बढ़ा दी गई है।
*अगले 5 वर्षो में 60 लाख नौकरिया देने का प्रयास।
*कौसल और आजीविका के लिए डिजिटल इकोसिस्टम लॉन्च किया जायेगा।
*इसका उदेश ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से नागरिको को कौशल प्रदान करना है।
MSME और स्टार्टअप :
*5 वर्षो में MSMI को रेट करने के लिए 6,000 करोड़ रूपये के कार्यकाल शुरू किये जायेगे।
*udyam, ई-श्रम,NCS और असीम पोर्टल जैसे एमएसएमइ को आपस में जोड़ा जायगा और उसका दायरा बढ़ाया बढ़ाया जायेगा।
ड्रोन शक्ति के लिए स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा।
निवेश आकर्षित करने के लिए मदद के उपाय सुझाने हेतु विशेष समिति का गठन किया जाएगा।
स्टार्टप के लिए मौजूदा कर लाभ ,जिसके तहत लगातार 3 वर्षो के लिए करो में छूट की पेशक की गई थी ,को 1 और वर्ष के लिए करो में छूट की पेशकश की गई थी ,को 1 और वर्ष तक बढ़ाया जाएगा।
बिजली के वाहन (Electric vehicles)
ऑटोमोबाइल के लिए ईवी चार्जिग स्टेशनों को अनुमति देने के लिए बैटरी स्वैपिंग नीतिया तैयार की जाएगी।
EV परिस्थितकी तंत्र की दक्षता में सुधार के उद्देश्य से बैटरी और ऊर्जा के लिए टिकाऊ और नवोन्मेषी व्यावासाय मॉडल बनाने के लिए निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जायेगा।
जलवायु और नेट (climate & net zero)
*ऊर्जा संक्रमण और जलवायु पर करवाई सरकार के लिए प्रमुख प्राथमिकता होगी।
*जलवायु परिवर्तन के जोखिम दुनिया के लिए सबसे बड़ी बाहरी चुनौती होगी।
*धन का उपयोग उन प्रियोजनाओ के लिए किया जाएगा जो अर्थव्यवस्था में कार्बन इंटेसिटी को कम करने में मदद करेगी।
*वित्त वर्ष 2023 में सरकार के उधार कार्यक्रम के हिस्से के रूप में ग्रीन इंफ़्रा को फंड करने के लिए सावरेन ग्रीन बॉन्ड लॉन्च किया जायेगा।
*उच्च दक्षता वाले सौर मॉड्यूल के निर्माण के लिए पिएलाआई तहत 19500 करोड़ रूपये का अतिरिक्त आवंटन किया किया गया है।
प्रभाव
*इस बजट का मेट्रो रेल से जुड़े मानकीकरण पर प्रभाव पड़ेगा।
*नल से जल योजना से पूंजीगत व्यय और ग्रामीण विकाश पर फोकस।
*डिजिटल मुद्रा के विस्तार में सरकार के डिजिटल समावेशन अजेंडे को बढ़ावा मिलेगा।
*पीएम गति शक्ति और अन्य बुनियादी कार्यक्रमों के तहत राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार और नई एक्सप्रेसवे के
निर्माण में मेट्रो शहरों को अधिक कुशल तरिके से जोड़ने में मदद मिलने की संभवना है।
*बैटरी स्वैपिंग निति से EV के बुनियादी ढांचे के विस्तार और EVs को अधिक व्यवहार्य बनाने में मदद मिलेगी।
*पिएलआई योजना के विस्तार से 2030 तक 280 GW सौर क्षमता प्राप करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
*पूंजीगत व्यव में वृद्धि- सरकार का मानना है की निजी निवेश को समर्थन देने के लिए सार्वजनिक निवेश बढ़ावा मिलेगा।
*केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा का विकास डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।
निष्कर्ष।
* इस बार का बजट मुख्यता: पूंजीगत व्यय के जरिये आर्थिक गतिविधियो को बढ़ावा देने और आर्थिक रिकवरी पर केन्द्रित दिखाई देती है।
*ऐसे में सभी क्षत्रो को समान विकाश के अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है साथ ही कृषि MSME, और रोजगार जैसे कुछ क्षेत्रो पर विशेष ध्यान देना होगा।
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