upsc reservation and age limit||upsc में आरक्षण और आयु सीमा

 UPSC  में न्यूनतम आयु 21 ,1 अगस्त को आप 32 वर्ष की आयु से अधिक न हो प्रिलिम्स परीक्षा के लिए फार्म की फ़ीस 100 रूपया , मुख्य परीक्षा के लिए फार्म की फ़ीस 200 रूपया ,डिटेल एप्लीकेशन फॉर्म। 

UPSC एग्जाम को लेकर सबसे बड़ा प्रश्न जो किसी छात्र के मन में होता है वह है आयु संबंधित प्रश्न होता है। ऐसे बहुतो छात्र है जो मुझसे यह प्रश्न पूछते है की मै पहला अटेम्ड कब दे सकता हु या दे सकती हु। तो चले हम पहले इन्ही प्रश्नो का उत्तर देखते है। 

AIS के एग्जाम में पहला अटेम्ड कब दे सकते है ?

AIS एग्जाम को लेकर जो UPSC रूल /नियम बनाये है वह कुछ इस प्रकार है। 

उम्मदवारो की आयु  1 अगस्त 2022 को 21 वर्ष की होनी चाहिए , किन्तु 32 वर्ष की नहीं होनी चाहिए अर्थात उसका जन्म 2 अगस्त , 1990 से पहले और 1 अगस्त 2001 के बाद का नहीं होनी चाहिए। 

 यानि किसी छात्र की जन्म तिथि 2 अगस्त 1990 के बाद की है और 1 अगस्त 2001 के पहले की है तो वह छात्र UPSC के आयु के क्राइटेरिया को फुलफिल करता है और वह 2022 का एग्जाम दे सकता है और यदि कोई छात्र की जन्म तिथि 2 अगस्त 2001 है तो वह अगले वर्ष यानि 2023 में परीक्षा देगा वैसे छात्र इस वर्ष परीक्षा नहीं दे सकता है। वैसे तो UPSC सभी आरक्षित वर्गो के अगल अलग आयु संबंधित क्राइटेरिया तय करती है। 

जैसे ,जेनेरल वर्ग के लिए अगल तरह के क्राइटेरिया तय की जाती है। OBC के लिए अलग और SC/ST के लिए अलग क्राइटेरिया होती है आए इसे विस्तार से समझते है। 

GENERL :- जेनेरल वर्ग के लिए अधिक तम आयु 32 वर्ष होती है और वह अधिक से अधिक 6 बार AIS की परीक्षा दे सकते है। 6 बार का मतलब यह नहीं है की वह 6 बार फॉर्म भर सकता है बल्की वह 6 बार पहली परीक्षा दे सकते है।  यदि आप ने पहली परीक्षा का फॉर्म भरा है और परीक्षा देते है तो एटेम्पट कोंट होंगे अन्यथा केवल फॉर्म भरने से एटेम्पट कोंट नहीं होगा। 

 OBC:- अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अधिकतम 35 वर्ष तैय सिमा रखी गई है और वह 9 एटेम्पट दिए गया है। 

SC/ST :- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए अधिकतम आयु सिमा 37 वर्ष तैय की गई है और वह चाहे तो जितनी परीक्षा दे सकते है उनके लिए एटेम्पट की कोई सिमा तैय नहीं की गई है। 

DESABLED:- विकलांग उमीदवारो के लिए अधिकतम आयु सिमा 42 वर्ष रखी गई है और वह चाहे तो जितनी दफा परीक्षा में भाग ले सकते है इन के लिए भी कोई एटेम्पट सिमा तैय नहीं की गई है। 

प्रारंभिक परीक्षा में बैठने को परीक्षा में बैठने का एक अवसर माना जायेगा। 
यदि उमीदवार प्रारभिक परीक्षा के किसी एक प्रश्न पत्र में वस्तुत ; परीक्षा देता है तो उसका परीक्षा के लिए एक प्रयास समझा जायेगा। 
आयोग्ता /उम्मीदवारी के रदद् होने के बावजूद उम्मीदवार की परीक्षा में उपस्थिति का तथ्य एक प्रयास गिना जाएगा। 

यदि ऐसा कोई उम्मीदवार सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा , 2022 के समाप्त होने के पश्चात भारतीय प्रशासनिक सेवा भारतीये/विदेश सेवा में नियुक्त हो जाता है तथा वह उस सेवा का सदस्य बना रहता है तो वह सिविल सेवा प्रधान परीक्षा 2022 में बैठने का पात्र नहीं होगा चाहे उसने प्रारंभिक परीक्षा 2022 में अहर्ता प्राप्त कर ली हो। 

सिविल सेवा परीक्षा देने के लिए शैक्षणिक योग्यता 

सिविल सेवा की परीक्षा देने के लिए ग्रेजुएशन होना जरूरी है। इस परीक्षा में यह कोई मायने नहीं रखता है की आप ने ग्रेजुएशन कितने प्रतिसत अंक के साथ किया है। यदि अपने ग्रेजुएशन में पास अंक भी हासिल किया है तो आप  UPSC की परीक्षा दे सकते है। और यदि कोई छात्र फ़ाइनल ईयर में है और  उसका रिजल्ट 2 से 3 महीने में आने वाला है तो वैसे छात्र भी फार्म भर सकते है लेकिन उसे फॉर्म भरते समय यह बात दर्शानी होगी की वह फाइनल ईयर में अप्पेअर हो रहे है। 

क्या प्रईवेट कॉलेज से ग्रेजुएशन करने वाले छात्र भी UPSC की परीक्षा दे सकते है ?

जी हा, यदि अपने किसी प्रईवेट कॉलेज या संस्था से  ग्रेजुएशन कर रखी है तो भी आप UPSC की परीक्षा दे सकते है और तो और यदि अपने ओपन में इग्नू से ग्रेजुएशन कर रखी है तो भी आप सिविल सेवा की परीक्षा दे सकते है। इस परीक्षा के लिए अस्नातक की उपाधी चाहिए। कई छात्र ऐसे भी है जो  विदेश से अस्नातक अस्नातक कर रखी है या अपनी पढ़ाई कर रहे होते है तो वह भी इस परीक्षा को दे सकते है। और यदि आप ग्रेजुएशन के फाइनल में है तो इस फाइनल  ईयर के दौरान भी आप परीक्षा दे सकते है। 

यदि आपका ग्रेजुएशन होगया है किंतु आपकी आयु 21 नहीं हुई है तो आप परीक्षा नहीं दे सकते है और यदि आपकी आयु 21 वर्ष 9 महीने हो रही है तो भी आप परीक्षा नहीं दे सकते है यानि आपकी आयु  हर हल में 21 वर्ष होनी चाहिए तभी आप इस परीक्षा में भाग ले सकते है। 

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