नव भारत साक्षरता कार्यक्रम ,परिचय ,प्रमुख बिंदु ,योजना के उदेशय ,योजना के लाभ
परिचय
* सभी के लिए शिक्षा के उदेश से शुरू की गई नई योजना .
* योजना का पूरा नाम:- भारत साक्षरता कार्यक्रम (New india Literacy programme)
इस योजना को स्वीकृति मिली थी फरवरी 2022 को।
*नोडल मंत्रालय : शिक्षा मंत्रालय।
*योजन की अवधि : 2022 से 2027 तक।
योजन से जुड़े प्रमुख बिंदु।
*यह योजना 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के गैर साक्षर लोगो के लिए शुरू की गई है।
*इस योजना का कुल परिव्यय लगभग 1,038 करोड़ है।
*जिसमे 700 करोड़ केंद्र द्वारा और लगभग 338 करोड़ राज्य द्वारा वहन किया जायगा।
* यह योजना देश सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेश में लागु की जायेगी।
* इस योजना का क्रिन्वयन ऑनलाइन मोड में स्वयसेवको के मध्यम से किया जाएगा।
* 2011 की जनगणना के अनुशार देश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के गैर साक्षरता लोगो की कुल संख्या लगभग 26 करोड़ है जिनमे (पुरष 9. 0 8 करोड़ और महिलाए 16. 68 करोड़ है )
योजना के उदेशय;
* भारत में प्रौढ़ शिक्षा को बढ़ावा देना।
*पाँच वर्षो में लगभग पाँच करोड़ लोगो को साक्षर करना है।
*वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता को बढ़ाना।
* वाणिज्यक कौशल स्वास्थ्य देख्भाल और जागरूकता सहित महत्पूर्ण जीवन कौशल प्रदान करना।
योजना के लाभ
*आने वाले वर्षो में भारत की साक्षरता दर में विर्धि हो सकेगी ( 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में साक्षरता दर लगभग 74% है )
* प्रौढ़ शिक्षा को बढ़ावा देने से लोगो में उमीद्द की नई किरण जागेगी।
* वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता से डिजिटल फ्रॉड में कमी आएगी।
* व्यवसायिक कौशल विकाश से स्थानिये रोजगार प्राप्त करने में मदद मिलिगी।
सेटेलाइट इंटरनेट चर्चा में क्या है ?
*मुकेश अंबानी के jio प्लेटफॉर्म ने सेटेलाइट इंटरनेट स्पेस में प्रवेश करने के लिए यूरोपय उपग्रह आधरित ब्राडबैड सेवा कंपनी SES के साथ एक जॉइंट वेंचर की शुरुआत की है।
* इस जॉइंट वेंचर को जियो स्पेस टेकनोलोजी लिमिटेड JIO SPACE TECHNOLOGY LTD नाम दिया गया है।
* इसके जरये दोनों कंपनिया भारत में उपग्रह या सेटेलाइट इंटरनेट सेवा प्रदान करने के लिए व्यापक इन्फ्रास्ट्राक्चर विकसित करने की दिशा में कार्य करेगी
सैटेलाइट इंटरनेट क्या है।
* सेटेलाईट इंटरनेट एक वायरलेस इंटरनेट तकनीक है जो पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे उपग्रह से इंटरनेट को निचे की ओर भेजती है।
* आसान शब्दों में समझे तो यह सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सर्विस है, जो आपके घरो तक सिग्नल भेजने के लिए सैटेलाइट का इस्तेमाल करती है।
* एक संचार नेटवर्क, इंटरनेट सक्षम डिवाइस को डेटा का आदान-प्रदान करता है और एक माडेम तथा उपग्रह डिश के माध्यम से अंतरिक्ष में एक उपग्रह से जोड़ता है। इसके बाद इसे पृथ्वी पर वापस भेजा जाता है जिसे नेटवर्क संचालन केंद्र कहा जाता है।
सैटेलाइट इंटरनेट के लाभ क्या है ?
*फाइबर कनेक्शन की तुलना में दर्गम व दूरस्थल इलाके जैसे पहाड़ी और दूरदराज के दिव्प आदि तक पहंचने में सक्षम है।
*ऐसे क्षेत्र में बहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने में उपयोगी है।
* यह इंटरनेट कनेक्शन अधिक तेज व भरोसेमंद गति है।
* दूरदराज के क्षेत्रो और आपदा में उपयोगी है।
* विभिन स्थानों के आधार पर औसतन इंटरनेट गति 10 - 40 MBPS तक ठहरती है जबकि सेटेलाइट इंटरनेट इसे 300 MBPS तक लेजाने की बात करता है
सैटेलाइट इंटरनेट की सीमाएं क्या है ?
*सैटेलाइट इंटरनेट की सबसे बड़ी सिमा उच्च लेटेंसी और कम बैडविड्थ है।
*लेटेंसी से अभिप्रया इंटरनेट की गति से है जबकि बैडविड्थ निर्धरित करता है की एक ही समाय में नेटवर्क पर कितने डिवाइस कनेक्ट हो सकते है।
* विशेषज्ञो के मुताबिक वर्तमन उपग्रह कनेक्शन से बैडविड्थ 1- 2 MB तक रहेगी जोकि भारत की ब्रॉडबैंड के रूप में योग्य है।
*ट्रबल शूटिंग एक समस्या हो सकती है क्योकि इसके लिए विशेष ज्ञान तथा प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।
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